सभी सरपंच व पार्षद बाल विवाह की रोकथाम में करें प्रशासन का सहयोग..
स्कूलों में प्रार्थना सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को तथा पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को करें बाल विवाह की रोकथाम के प्रति जागरूक..
सभी गांव, वार्ड, खंड स्तर पर आयोजित किए जाएं जागरूकता कार्यक्रम..
हरियाणा प्रदेश / कैथल, 2 अप्रैल। डीसी प्रीति ने कहा कि आगामी 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर लोगों द्वारा बड़ी संख्या में विवाह / शादियों का आयोजन किया जाता है, जिसमें बाल विवाह का आयोजन करने की भी संभावना बनी रहती है। बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार बाल विवाह करना कानून अपराध है। सभी संबंधित अधिकारी, ग्राम पंचायत तथा वार्ड एमसी सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी बाल विवाह न होने पाए। इसको लेकर गांव, वार्ड, खंड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएं। अगर आमजन को बाल विवाह से संबंधित कोई सूचना मिलती है तो वे जिला प्रशासन को सूचित करें। डीसी प्रीति बुधवार को अपने कार्यालय में अक्षय तृतीया को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की शादी 21 वर्ष से पहले की जाती है तो वह कानून अपराध की श्रेणी में आता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूलों में प्रार्थना सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को तथा पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को इस बारे में जागरूक करें। इसके अलावा उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों से भी आह्वान किया है कि वे बाल विवाह को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि उनके गांव में कोई भी बाल विवाह की घटना न होने पाए। उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सामूहिक विवाह आयोजित करने वाली सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से भी समन्वय स्थापित करें और उन्हें बताएं कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने से पहले उपायुक्त कार्यालय को जरूर सूचित करें।डीसी ने संबंधित अधिकारियों को अक्षय तृतीया को लेकर सतर्क रहने तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने पुजारियों, हलवाई, टेंट हाउस, बैंड पार्टी, प्रिंटिंग प्रेस तथा अन्य प्रकार की सेवाएं देने वाले सभी प्रदाताओं के साथ मीटिंग करें। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि जिले में कहीं पर भी बाल विवाह जानकारी मिलती है तो 1098, 112, 181, 01746 235130 तथा 9813453138 नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके अलावा डीसी प्रीति ने डीएसपी गुरविंद्र को निर्देश दिए कि गत 24 मार्च को दर्ज किए गए मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करें।इस अवसर पर सीडल्यूसी चैयरमेन राणा बंसल, जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, डीएसपी गुरविंद्र सिंह, बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार, शिक्षा विभाग से संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


