हरियाणा / कैथल, 30 मार्च। आज से नवरात्रि के पावन की शुरुआत होने जा रही है। पूरे नौ दिन जगत जननी की उपासना के लिए है। इस दौरान की गए पूजा-पाठ, व्रत-उपवास आपके जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आएंगे। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जिसे भक्तिपूर्ण तरीके से मनाया जाता है। यह पर्व वर्ष में दो बार आता है। हिन्दू धर्म में नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। घटस्थापना या कलश स्थापना का कार्य इस पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। घटस्थापना, जिसे हम कलश पूजा भी कहते हैं, नवरात्रि की शुरुआत का सबसे महत्वपूर्ण कर्म है। इस दिन पूजा की शुरुआत में एक कलश की स्थापना की जाती है, जो देवी दुर्गा की शक्ति का प्रतीक होता है। कलश स्थापना से घर में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद की वर्षा होती है। कलश के ऊपर आम या बड़ के पत्ते रखकर उसमें जल, सुपारी, सिक्के, चावल और नारियल डाले जाते हैं। इसके साथ-साथ देवी दुर्गा के मंत्रों का जाप किया जाता है। घटस्थापना मुहूर्त – 06:13 ए.एम से 10:22 ए.एम
अवधि – 4 घंटे 8 मिनट
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – 12:01 पी.एम से 12:50 पी.एम
इस मुहूर्त में कलश स्थापना करने से मां दुर्गा आपके जीवन में खुशियों की बौछार लेकर आती हैं।


