हरियाणा / कैथल, 30 मार्च। संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल के धरनारत निष्कासित शिक्षकों ने आज कैथल में आयोजित बहुजन समाज पार्टी की रैली में प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण जमालपुर को अपनी समस्याओं और न्याय की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। निष्कासित शिक्षक डॉ. ओमवीर ने मंच से शिक्षकों और छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके निष्कासन को अन्यायपूर्ण करार दिया। डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि निष्कासित शिक्षक पिछले पांच महीनों से अपने हक और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार लगातार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में जातिगत भेदभाव गहराई से व्याप्त है और अब तक सभी स्थाई वीसी एक ही जाति से रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक विश्वविद्यालय में नियुक्तियां भी इसी जाति के व्यक्तियों तक सीमित रखी गई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि 3 अप्रैल को वर्तमान कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी इसी जातिगत वर्चस्व को बनाए रखने के लिए अगला कुलपति भी संभवत: उसी जाति का होगा। रैली में प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षकों के आंदोलन को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। वहीं रैली के संयोजक डॉ. मनोज ग्रोवर ने शिक्षकों और छात्रों की इन समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। धरनारत निष्कासित शिक्षकों ने अपने अधिकारों और पुनर्बहाली की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने की घोषणा की और विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द न्यायोचित समाधान की मांग की।


