हरियाणा / कैथल, 28 मार्च। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह, राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, कैशियर संजीव सिंगला, वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह, उपमहासचिव कृष्ण नैन, संगठन सचिव सुखदर्शन सरोहा व प्रैस प्रवक्ता निशा ने संयुक्त प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि शिक्षा विभाग हरियाणा 17 मार्च को जारी किए गए रेशनलाइजेशन नॉर्म की आड़ प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद समाप्त करना चाहता है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2022 में शिक्षकों के तबादले से पहले सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों 38768 पद खाली थे पर तबादलों के तुरंत बाद ही सरकारी जादूगरी से बिना भर्ती किए खाली पदों का आंकड़ा 20 हजार घटकर लगभग 18 हजार पर सिमट गया। अभी हाल ही में प्राथमिक अध्यापकों की राशनलाइजेशन करते हुए 5315 पद खत्म कर दिए गए और अब टीजीटी और पीजीटी के पदों को खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश सरकार त्रिभाषा फॉर्मूला लागू करने का ढिंढोरा पीट रही है परन्तु दूसरी तरफ सभी भाषाओं के पीरियड घटाए जा रहे हैं। प्राथमिक व मिडल स्कूलों के मुखियाओं को विषय का पूरा वर्कलोड दिया जा रहा है और हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में संबंधित विषयों के टीजीटी और पीजीटी के वर्कलोड को संयुक्त करते हुए ज्यादा से ज्यादा पदों को समाप्त करने की साजिश रची जा रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि अगर अतिशीघ्र संगठन के साथ बातचीत से सार्वजनिक शिक्षा को बर्बाद करने वाले नॉम्र्स को नहीं बदला गया तो हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
रेशनलाइजेशन की आड़ में शिक्षकों के पद खत्म करने की साजिश सहन नहीं : शर्मा
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