ट्रांसफर में देरी का मतलब शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ : निर्माण
कैथल : शिक्षक तबादला करवाओ संघर्ष समिति हरियाणा ने अपने सुझाव ट्रांसफर के लिए बनाई गई कमेटी को मेल से भेज दिए हैं। समिति के राज्य प्रधान कृष्ण कुमार निर्माण, राज्य महासचिव रामनिवास संगोही और राज्य प्रेस प्रवक्ता ऋषिराज नरवाल ने बताया कि समिति ने जो पहला सुझाव भेजा वो यही है कि यदि ट्रांसफर में देरी होती है या फिर ट्रांसफर लटकते हैं तो एक तरह से यह शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ होगा और छात्रों के साथ अन्याय होगा। समिति ने मांग की है कि ट्रांसफर तय समय के अंदर किए जाने सुनिश्चित किए जाएं। समिति की ओर से यह भी सुझाव दिया कि ऑन लाइन ट्रांसफर ड्राइव चलाते समय कोई भी पोस्ट कैप्ट न की जाए, साथ ही गेस्ट टीचर और एचकेआरएन के तहत लगे टीचर की पोस्ट को वेकेंट मानकर उन पर ट्रांसफर की जाए। समिति ने सुझाव दिया कि इस समय ट्रांसफर ड्राइव चलाया जाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पिछले दिनों जेबीटी शिक्षकों को लगभग सतरह-अठारह हजार के आस-पास जिला अलॉट करके अस्थाई स्टेशन दिए गए हैं, साथ ही कई विषयों के टीजीटी, पीजीटी की नई भर्ती होने के साथ-साथ विभिन्न विषयों की टीजीटी प्रमोशन और कई विषयों की पीजीटी पदों पर प्रमोशन, साथ ही प्रिंसिपल पदों पर तीन सूचियां जारी होने के बाद लगभग दस हजार शिक्षक अस्थाई स्टेशनों पर बैठे हैं और साथ ही जनवरी बाइस में भारी संख्या में डेप्युट टीचर्ज भी हैं। समिति ने सुझाव दिया कि ट्रांसफर ड्राइव हर साल चलाया जाना चाहिए ताकि जिनको अवसर चाहिए उन्हें मिलता रहे। कृष्ण कुमार निर्माण ने यह भी मांग की कि ट्रांसफर को शिक्षक के तमाम पदों को भरने का विकल्प न माना जाए।

