मुख्यमंत्री नायब ने किया, प्रतियोगिता में 29 राज्यों की टीमें ले रही हैं भाग
गुरुग्राम, 09 फरवरी । आदिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले और खेल प्रतिभा को नई पहचान
देने के उद्देश्य से ताऊ देवीलाल स्टेडियम, गुरुग्राम में नागेश ट्रॉफी दृष्टिबाधित राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट
प्रतियोगिता (पुरुष) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नायब
सिंह सैनी पहुंचे। इस प्रतियोगिता के आठवें संस्करण में 29 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं और कुल
73 मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता से चयनित 17 खिलाड़ी वर्ष 2026-27 की अंतरराष्ट्रीय
प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पहले टी-20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप की विजेता भारतीय महिला
क्रिकेट टीम को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि टीम ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कड़ी
मेहनत से देश का नाम रोशन किया है, जो पूरे देश और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 से देश में दृष्टिबाधित क्रिकेट खेला जा रहा है और यह प्रतियोगिता
सीएबीआई के संस्थापक अध्यक्ष एसपी नागेश की स्मृति में आयोजित की जाती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में खेल ढांचे के विकास पर 989 करोड़ रुपये खर्च
किए गए हैं। वहीं, खेल विभाग का बजट 275 करोड़ से बढ़ाकर 602 करोड़ रुपये से अधिक किया
गया है। हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021 के तहत 550 पद सृजित कर 231 खिलाड़ियों
को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पंचकूला में आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया
है। इसी दिशा में प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग स्टेडियम और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं
विकसित की जाएंगी। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन के लिए 21
लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी मेहनत और समर्पण से समाज को नई
दिशा दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान अंडर-19 खिलाड़ी तेजस्विनी यादव ने बीसीसीआई से प्राप्त
धनराशि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम को भेंट किया।

