डीसी प्रीति ने मानसून का सीजन को लेकर की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
कैथल, 2 जुलाई। डीसी प्रीति ने कहा कि मानसून सीजन शुरू हो चुका है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध रखें। निचले क्षेत्रों व जलभराव वाले उन प्वाइंट पर विशेष रूप से फोकस किया जाए। पानी निकासी के लिए आवश्यक पंपों की व्यवस्था हो और वे चालू हालत में हों। व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। अपने अपने विभाग की इमरजेंसी टीमों को एक्टिव कर दें, ताकि जलभराव से संबंधित शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके।
डीसी प्रीति बुधवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेंस रूम में मानसून सीजन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहीं थीं। इससे पहले चडीगढ़ से मुख्यमंत्री नायब सैनी की वीसी के माध्यम से तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने मानसून सीजन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। डीसी प्रीति ने कहा कि जिले में अभी तक ज्यादा बारिश
नहीं हुई है। शहर या गांव में कहीं पर भी गंभीर जलभराव की कोई रिपोर्ट नहीं है। लघु सचिवालय में सूखा एवं बाढ़ राहत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है। इसमें कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। सभी ड्रेनों की सफाई हो चुकी है। लेकिन जिले के 60 गांव ऐसे हैं, जहां ज्यादा बारिश होने पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, इसलिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए इससे निपटने के लिए हमेशा तैयार रहें। उन्होंने सिंचाई, जनस्वास्थ्य व स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों में जलभराव जैसी आपात स्थिति के लिए हर तरह से तैयारी पूरी रखें।
डीसी प्रीति ने कहा कि मानसून के सीजन में डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियां अधिक फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसको लेकर भी उचित प्रबंध रखें। फोगिंग आदि करवाते रहें। ऑफिस या निर्माण स्थल पर जलभराव न होने दें। इस अवसर पर एसपी आस्था मोदी, जिला नगर आयुक्त सुशील कुमार, जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश, एसडीएम अजय सिंह, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, नगर परिषद के ईओ दीपक कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह व निशांत बतान सहित जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

