ढांड, 11 सितंबर । दाडऩ खाप के वरिष्ठ उपप्रधान एवं पूर्व सरपंच मियां सिंह जाजनपुर ने कहा कि पेड़-पौधे केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि यह प्राकृतिक छांव, जड़ी-बूटियां, स्वच्छ हवा, मिट्टी की उर्वरता और जीव-जंतुओं का घर भी हैं। ये जलवायु परिवर्तन से लडऩे में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे सिर्फ प्रकृति का हिस्सा
नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की नींव हैं। उन्हें बचाना, बढ़ाना और सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी है। आज संकल्प लें हर साल एक पौधा, हर दिन हरियाली की दिशा में एक कदम। गांव जाजनपुर में अपने प्रतिष्ठान पर पौधारोपण करते हुए मियां सिंह जाजनपुर ने कहा कि प्राकृतिक असंतुलन को संतुलित करने के लिए पौधारोपण सबसे कारगर उपाय है। अधिक से
अधिक पौधे लगाकर न केवल हम अपने आसपास की हरियाली बढ़ा सकते हैं, बल्कि ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी समस्याओं को भी काबू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। एक पौधे को पेड़ बनने तक पोषण, सुरक्षा और नियमित देखरेख की जरूरत होती है। जैसे हम एक नवजात शिशु को पालते हैं, उसी
भाव से यदि हम पेड़-पौधों को संवारें, तो आने वाली पीढय़िों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। पूर्व सरपंच मियां सिंह जाजनपुर ने कहा कि कई राज्यों में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन जब तक आम जनता इसमें भाग नहीं लेती, तब तक यह प्रयास अधूरा रहेंगे। स्कूलों, कॉलेजों, ऑफिसों और कॉलोनियों में सामूहिक पौधारोपण अभियान चलाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

