नई दिल्ली, 08 फरवरी (वेब वार्ता)। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में
अग्रिम क्षेत्रों में तैनात जवानों से मुलाकात की और सेना की तैयारियों का जायजा लेने के साथ पड़ोस के गांव में
अपने पुराने सहकर्मी सेवानिवृत सूबेदार परवेज अहमद से मुलाकात कर उनकी कुशल क्षेम भी पहुंची।
सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्थानीय स्तर पर जवानों की मदद करने के लिए सूबेदार अहमद को
सम्मानित भी किया। उन्होंने अग्रिम इलाकों में तैनात जवानों के मनोबल और सतर्कता की भी सराहना की।
अग्रिम क्षेत्रों के दौरे के बाद जनरल द्विवेदी पूंछ के कामसर गांव भी गये। वहां उन्होंने 8 जम्मू-कश्मीर राइफल्स
के सेवानिवृत्त सूबेदार (मानद कैप्टन) परवेज़ अहमद से मुलाकात की। यह मुलाकात विशेष थी क्योंकि दोनों पहले
सेना में एक साथ सेवा कर चुके हैं। जब वर्ष 2002 से 2005 के बीच जनरल द्विवेदी बटालियन के कमांडिंग
अफसर थे तब सूबेदार परवेज़ अहमद उसी यूनिट में थे।
सूबेदार परवेज़ अहमद ने मार्च 99 में सेना में भर्ती होकर मार्च 209 में 25 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली।
सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग इलाकों में काम किया और कई बार प्रशिक्षण संस्थानों में जवानों को ट्रेनिंग भी
दी।
सेना से रिटायर होने के बाद सूबेदार परवेज़ अहमद समाज से जुड़े रहे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने स्थानीय
स्तर पर जवानों की मदद की। उन्होंने जरूरी सामान पहुंचाने और स्थानीय जानकारी साझा करने में सहयोग किया।
यह सब उन्होंने कठिन हालात में किया।
उनके इस योगदान को देखते हुए सेना प्रमुख ने उन्हें ‘वेटरन अचीवर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। इस मौके पर
उनके परिवार के सदस्य, पूर्व सैनिक और आसपास के लोग भी मौजूद थे।
इस दौरान इलाके के अन्य पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, सेना प्रमुख से
मिले। बातचीत सहज और अनौपचारिक रही।
पूंछ जैसे सीमावर्ती इलाकों में, जहां सेना और आम लोगों का रिश्ता बहुत करीब का होता है, यह दौरा बताता है कि
सेवा खत्म होने के बाद भी सैनिकों और सेना का जुड़ाव बना रहता है।

