कैथल । आयुष विभाग के तत्वावधान में आयुष आरोग्य मन्दिर फतेहपुर में विशेष औषधीय पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य संवर्धन का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरणदीप ने ग्रामीणों को औषधीय पौधों के लाभ बताए। उन्होंने
कहा कि नीम, गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा, एलोवेरा और आंवला जैसे पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि अनेक रोगों से भी बचाव करते हैं। कार्यक्रम के दौरान वितरित एवं रोपित प्रमुख औषधीय पौधे गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, नीम त्वचा रोग व रक्त शुद्धि में लाभकारी है, तुलसी संक्रामक रोगों व श्वसन तंत्र के लिए उपयोगी है, अश्वगंधा
मानसिक तनाव व शारीरिक बलवर्धक है, एलोवेरा त्वचा व पाचन संबंधी समस्याओं में सहायक और आंवला प्राकृतिक विटामिन सी का सर्वोत्तम स्रोत है। ग्रामीणों को ये पौधे निशुल्क वितरित किए गए तथा उनके उपयोग, देखभाल और औषधीय महत्व की विस्तृत जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य केवल पौधारोपण नहीं था, बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए हर घर आयुर्वेद के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना भी रहा।

