मुंबई, 03 जनवरी । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को रिटायर हुईं
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री फडणवीस
के मुंबई स्थित आवास पर हुई, जहां उन्होंने रश्मि शुक्ला को उनके अब तक के सेवाकाल के लिए
शुभकामनाएं दीं और आगे के जीवन एवं करियर के लिए सफलता की कामना की।
इस मुलाकात की जानकारी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
‘एक्स’ के माध्यम से साझा की। सीएमओ द्वारा किए गए पोस्ट में लिखा गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र
फडणवीस ने रिटायर हो रही पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला से उनके आवास पर मुलाकात की और
उन्हें सफल करियर के लिए शुभेच्छाएं दीं। पोस्ट के साथ दोनों की मुलाकात की तस्वीर भी साझा की
गई है।
बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस की पहली महिला डीजीपी रश्मि शुक्ला शनिवार को सेवानिवृत्त हुईं। अपने
विदाई अवसर पर उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि यह पल उनके लिए अतीत की यादों में खोया
हुआ है। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ दिया और सिखाया।
रश्मि शुक्ला ने कहा, “मैं भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर हो रही हूं और यह मेरे लिए बहुत भावुक
क्षण है। महाराष्ट्र पुलिस ने मुझे बहुत कुछ दिया है और मैंने यहां बहुत कुछ सीखा है। एक टीम के
रूप में हमने महाराष्ट्र पुलिस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मुझे गहरा संतोष है और मैं महाराष्ट्र
पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की
शुभकामनाएं देती हूं।”
रश्मि शुक्ला को उनके सम्मान में दादर स्थित नायगांव पुलिस ग्राउंड में आयोजित विदाई समारोह के
दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और
कर्मचारी मौजूद रहे। यह समारोह उनके लंबे और उल्लेखनीय सेवा काल को समर्पित रहा। 1988 बैच
की आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने महाराष्ट्र पुलिस की कमान संभालकर इतिहास रचा था। वह
राज्य की पुलिस प्रमुख बनने वाली पहली महिला अधिकारी थीं।
महा विकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान रश्मि शुक्ला के खिलाफ कथित फोन टैपिंग
मामले को लेकर केस दर्ज किए गए थे। इन मामलों ने काफी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
मचाई थी। हालांकि, बाद में ये सभी मामले वापस ले लिए गए। विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्षी
दलों ने उन पर पक्षपात के आरोप लगाए थे। इसके चलते चुनाव आयोग ने उनका तबादला करने का
आदेश दिया था। हालांकि, बाद में उन्हें फिर से उनके पद पर बहाल कर दिया गया।

