नई दिल्ली, 01 जनवरी । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा
जिया के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया है। राजनाथ सिंह गुरुवार को नई दिल्ली स्थित
बांग्लादेश उच्चायोग पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं बीएनपी की चेयरपर्सन बेगम खालिदा
जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
उन्होंने बांग्लादेश उच्चायोग में मौजूद शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। विशेषज्ञों का कहना है कि
बेगम जिया के निधन से न केवल बांग्लादेश, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति में एक युग का अंत हो
गया है। वहीं राजनाथ सिंह ने लिखा कि भारत सरकार और भारतीय जनता बेगम जिया के परिवार
तथा बांग्लादेश के नागरिकों के साथ इस कठिन घड़ी में खड़ी है।
रक्षा मंत्री ने बेगम जिया के राजनीतिक योगदान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता
को याद करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह क्षति बांग्लादेश की राष्ट्रीय
राजनीति के लिए अत्यंत दुखद है। विभिन्न राजनीतिक दलों व नेताओं ने उनके परिवार की दृढ़ता
और साहस की कामना की है। खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।
गौरतलब है कि 23 नवंबर को खालिदा जिया का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें ढाका स्थित
एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खालिदा जिया ने 41 साल तक बीएनपी का नेतृत्व
किया और 1990 के दशक के तानाशाही- विरोधी आंदोलन के दौरान उन्हें ‘समझौता न करने वाली
लीडर’ का खिताब मिला था। जिया पांच बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रहीं, तीन बार प्रधानमंत्री और दो
बार विपक्ष की नेता की जिम्मेदारी निभाई थी। जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ढाका गए थे।
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया गंभीर बीमारियों से लंबे समय तक जूझने के
बाद 31 दिसंबर 2025, बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक हो गईं। बेगम जिया के जनाजे में शामिल होने के
लिए भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां पहुंचे हुए थे। विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में
बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की थी। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का
एक पर्सनल लेटर दिया। भारत सरकार और लोगों की ओर से गहरी संवेदनाएं जताईं।

