नई दिल्ली, 19 जनवरी । अभिनेता और राजनेता विजय सोमवार को करूर भगदड़ मामले
से जुड़े दूसरे दौर की पूछताछ का सामना करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के केंद्रीय जांच ब्यूरो
(सीबीआई) के मुख्यालय पहुंचे। जांच के सिलसिले में तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के नेता विजय
को आज सीबीआई के सामने फिर से पेश होने के लिए बुलाया गया। इससे पहले उनका बयान 12
जनवरी को दर्ज किया गया था, जब उनसे लगभग सात घंटे तक पूछताछ की गई थी, जिसके बाद
उन्हें जाने की अनुमति दी गई थी।
विजय ने उस समय मीडिया से बात नहीं की और तमिलनाडु लौट गए। श्री विजय आज सुबह
लगभग 10:15 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। जांच की एक अहम कड़ी कार्यक्रम के निर्धारित समय
और विजय के पहुंचने के बीच बताए गए सात घंटे के अंतर से जुड़ी रही है और यह कि क्या इस
देरी ने भीड़ बढ़ने और उसके बाद मची अफरा-तफरी उनका हाथ था। पहली पूछताछ के दौरान एजेंसी
ने उनसे कई मुद्दों पर सवाल किए, जिनमें रैली की योजना बनाने में उनकी भूमिका, अपेक्षित भीड़
की संख्या और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में उनकी जानकारी, तथा उनके देर से पहुंचने के कारण
शामिल थे।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद, सीबीआई ने पिछले साल अक्टूबर में तमिलनाडु पुलिस से जांच
अपने हाथ में ले ली थी। एजेंसी ने पहले सत्र की पूछताछ के निष्कर्षों या नए समन के विवरण के
बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
तमिलनाडु स्थित पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम के नेता विजय इससे पहले की पूछताछ के बाद मीडिया
से बात किए बिना ही चले गए थे। गौरतलब है कि तमिल अभिनेता विजय की राजनीतिक पार्टी
टीवीके की 27 सितंबर की शाम को चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 41 लोगों की
मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीशों की एक समिति भी
गठित की गई थी। राजनीतिक स्तर पर, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने घटना की
जांच के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की आठ सदस्यीय टीम का गठन किया। मथुरा की सांसद
हेमा मालिनी को टीम का संयोजक नियुक्त किया गया, जिसमें अनुराग ठाकुर और तेजस्वी सूर्या भी
शामिल थे।

