नई दिल्ली, 29 जनवरी । आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.8
से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है जो चालू वित्त वर्ष 2025-26 के 7.4 फीसदी के अनुमान
से थोड़ा कम है। सरकार का मानना है कि इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद यह देश
की आर्थिक बुनियाद की मजबूती का परिचायक है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश की।
आर्थिक सर्वेक्षण में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अगामी वित्त वर्ष 2026-27
में 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। यह चालू वित्त वर्ष 2025-26 के
7.4 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत विकास की रफ्तार बनाए
रखी है। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले आये आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘‘कुल मिलाकर
वैश्विक अनिश्चितता के बीच वृद्धि का दृष्टिकोण मजबूत है। ‘घरेलू कारकों की प्रमुख भूमिका और
वृहद आर्थिक स्थिरता के मजबूत होने के कारण, वृद्धि से जुड़े जोखिमों को लेकर स्थिति मोटे तौर
पर संतुलित बनी हुई है। इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन निराशावादी होने की
जरूरत नहीं है।’’
आर्थिक सर्वेक्षण में वृद्धि दर के अनुमान में हाल के वर्षों में किए गए नीतिगत सुधारों के प्रभाव को
ध्यान में रखा गया है। इससे अर्थव्यवस्था की मध्यम अवधि की वृद्धि क्षमता सात प्रतिशत के
करीब पहुंच गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, एक फरवरी
को लोकसभा में 11 बजे केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। ये उनका लगातार 9वां बजट होगा।

