नई दिल्ली, 30 जनवरी । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी और अन्य नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि
पर राजघाट जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके अलावा अन्य नेताओं ने भी बापू को नमन किया।
प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
भी मौजूद रहे। सभी ने गांधी जी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उनके विचारों को याद किया
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता
के आदर्श भारत के विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने के संकल्प के केंद्र में हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू
ने हमेशा स्वदेशी पर जोर दिया, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का एक
मूलभूत स्तंभ है। महात्मा गांधी का व्यक्तित्व और कर्म भारतीय पीढ़ियों को कर्तव्य के मार्ग पर
चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।’
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महात्मा गांधी को
उनकी पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। महात्मा गांधी ने भाषा, क्षेत्र और जाति में बंटे देश को एक कर
आजादी के आंदोलन को व्यापकता दी। स्वदेशी, स्वाधीनता व स्वच्छता को एक सूत्र में बांधकर
गौरवशाली भारत की कल्पना करने वाले महात्मा गांधी के विचार हमें प्रेरित करते रहेंगे।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने साेशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में गांधीवादी मूल्यों से
जुड़े एक जाने-माने भक्ति पद “वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे, पर-दुख्खे उपकार
करे तोये मन अभिमान ना आणे रे” के माध्यम से महात्मा गांधी की शिक्षाओं को याद किया, जिसमें
सहानुभूति और निस्वार्थ सेवा पर जोर दिया गया है। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि नफरत की ताकतों ने
देश को बापू से अलग कर दिया, उनका मुकाबला उनके आदर्शों से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,
“जिस नफरत ने हमें बापू से जुदा किया, उसका तोड़ भी बापू की ही राह है। सत्य का उजाला,
अहिंसा की ताक़त, और प्रेम की करुणा। बलिदान दिवस पर राष्ट्रपिता को नमन।”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा “महात्मा गांधी एक
व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं – वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफ़रत की विचारधारा ने
और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आज़ादी के साथ
यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताक़त से बड़ी सत्य की शक्ति होती है – और हिंसा व भय से बड़े
अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को
उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महात्मा गांधी की
पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। सत्य, अहिंसा और सद्भाव के उनके आदर्श आज भी भारत ही
नहीं, बल्कि पूरे विश्व को मानवता का मार्ग दिखाते हैं। उनका जीवन हमें सेवा, समर्पण और नैतिक
साहस की प्रेरणा देता रहेगा।”
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अहिंसा
परमो धर्म: के पथ प्रदर्शक, सत्य और करुणा के अग्रदूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर
उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। पूज्य बापू ने स्वच्छता को स्वराज की आधारशिला माना-
आइए, स्वच्छ भारत के संकल्प के साथ उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लें।”


