Wednesday, February 4, 2026
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लोकसभा में तीसरे दिन गतिरोध बरकरार

नई दिल्ली, 04 फरवरी । लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के कारण आज तीसरे दिन
भी कामकाज नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही पांच बजे तक स्थगित कर दी गयी।
दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दो बजे शुरु होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए

सदन के बीचोंबीच आ गये। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नटी ने हंगामे के बीच राष्ट्रपति के
अभिभाषण पर चर्चा को आगे बढाते हुये तेलुगु देशम पार्टी के जीएम हरीश बालयोगी का नाम
पुकारा। श्री बालयोगी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सुधारों से भरा हुआ है। यह विकसित
भारत के लक्ष्य को पूरा करने वाला है।

इसमें 25 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गयी है। निजी सुरक्षा और
उत्तरदायित्व के साथ हम आगे बढ रहे है। अटल टिकरिंग के लिए अधिक धनराशि के आवंटन से

नवाचार को बढावा मिलेगा। छात्राओं की शिक्षा को बढावा देने के लिए हर जिले में एक हास्टल
खोलने का प्रस्ताव किया गया है।

भाजपा के निशिकांत दुबे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखते हुए कांग्रेस पर सीधा प्रहार
किया और कुछ किताबों के हवाले से आलोचना करने लगे। हालांकि इस बीच पीठासीन अधिकारी
लगातार किताब के हवाले से बात करने से रोकते रहे। इस बीच हंगामा तेज हो गया जिसके कारण
सदन की कार्यवाही पांच बजे तक स्थगित कर दी गई।

इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों ने कांग्रेस के आठ सदस्यों के बजट सत्र के लिए निलंबन
के विरोध में बुधवार को ज़बरदस्त हंगामा किया जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की
कार्यवाही पांच मिनट के भीतर ही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। श्री बिरला ने सदन की

कार्यवाही शुरु करते हुए खाद्य प्रसंस्करण और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधित सवालों पर
सदस्यों के जवाब विभाग के मंत्री से देने को कहा। इस बीच विपक्ष के सदस्य सदन की बीचों-बीच
आकर हंगामा करने लगे।
अध्यक्ष ने हंगामे में ही प्रश्न काल को चलाने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और
तेज कर दिया। इस बीच कुछ सदस्यों ने प्रश्न पूछे और उनका जवाब भी आया लेकिन हंगामे और

शोर शराबे के कारण कुछ सुनाई नहीं दिया।
हंगामा बढ़ते देख श्री बिरला ने सदस्यों से कहा कि उन्हें सदन के अंदर अच्छा आचरण और व्यवहार
करना चाहिए। उनका कहना था कि सदन चलाना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आग्रह कि

सदन सबका है इसलिए सदस्यों को गरिमापूर्ण व्यवहार करते हुए सदन चलाने में मदद करनी
चाहिए। सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा करते रहे, जिसके कारण श्री बिरला को 12 बजे
तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

कार्यवाही पुन: बारह बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने पूर्व सेनाध्यक्ष की अप्रकाशित पुस्तक के
अंशों को उद्धृत करते हुए नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस,
समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के सदस्य अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर
शोरशराबा और नारेबाजी करने लगे। उनके हाथ में बड़े-बड़े बैनर भी थे। विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री का
नाम लेकर नारे लगा रहे थे।

कई विपक्षी सदस्य बैनर के साथ आसन के समक्ष आ गये थे। बैनरों पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह और पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज मुकुन्द नरवणे के चित्र थे। समाजवादी पार्टी के सदस्य
अहिल्या बाई होल्कर का चित्र लेकर वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर उनकी प्रतिमा कथित रूप से

खंडित किये जाने का विरोध कर रहे थे। विपक्ष ने इन मुद्दों पर मंगलवार को भी हंगामा किया था।
श्री गोयल का वक्तव्य पूरा होने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने शोरशराबा कर रहे सदस्यों से कहा
कि उनके इस आचरण से लोगों का लोकतंत्र में भरोसा कम होगा। उनका विरोध करने का यह तरीका

कतई उचित नहीं है। सदन नियमों-प्रक्रियाओं से चलता है। सदन में पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन
इस तरह मर्यादायें नहीं तोड़ी गयीं।
श्री बिरला ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के कारण विरोध होते हैं, लेकिन इस तरह से सदन की
गरिमा और मर्यादा का हनन नहीं किया जाता। यह सदन सभी का है और सभी सदस्यों की
जिम्मेदारी इसकी गरिमा को बनाये रखने की है। सदन का इस तरह अपमान करना उचित नहीं है।

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