नई दिल्ली, 14 अगस्त । कांग्रेस ने गुरुवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
वाराणसी में ‘फर्जी मतदाताओं के बूस्टर डोज’ से जीते थे। कांग्रेस के अनुसार भाजपा ने 6 लोकसभा
क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के आंकड़े सामने रखकर यह साबित कर दिया कि उसके और चुनाव
आयोग के बीच सांठगांठ है। कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह सवाल भी
किया कि राहुल गांधी को ‘वोट चोरी’ का खुलासा करने के कुछ देर बाद चुनाव आयोग ने नोटिस
देकर हलफनामा मांगा, लेकिन भाजपा नेता अनुराग ठाकुर के प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बीतने के
बावजूद उन्हें नोटिस क्यों नहीं दिया गया?
पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि फर्जी मतदाता सूची की बात साबित होने के बाद क्या अब 2024 का
लोकसभा चुनाव रद्द नहीं होना चाहिए। भाजपा ने बुधवार को रायबरेली, वायनाड, डायमंड हार्बर और
कन्नौज लोकसभा सीट पर मतदाता पंजीकरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया था और राहुल
गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अभिषेक बनर्जी और अखिलेश यादव से लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा
देने की मांग की थी।
अनुराग ठाकुर ने यह भी दावा किया था कि विपक्ष के इन नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के जरिये लोकसभा
चुनाव में जीत हासिल की है। पवन खेड़ा ने कहा, “सात अगस्त को सबने देखा कि नेता विपक्ष राहुल
गांधी ने वोट चोरी का सच उजागर किया। इस खुलासे से भाजपा के लोग छह दिन तक सदमे में रहे,
फिर अनुराग ठाकुर को प्रेस करने के लिए भेजा, लेकिन उनके इस कदम से चुनाव आयोग की
भूमिका और संगीन हो गई है।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने छह लोकसभा क्षेत्रों के आंकड़े रखे
और यह साबित करने का प्रयास किया कि इन क्षेत्रों में फर्जी मतदाता हैं ।
चुनाव आयोग पर कांग्रेस का आरोप
पवन खेड़ा का कहना था, “हैरानी की बात यह है कि इससे पहले भाजपा को ‘वोट चोरी’ से फर्क नहीं
पड़ रहा था, लेकिन अब अचानक से इन्हें रुचि पैदा हो गई है। राहुल गांधी के प्रेस के कुछ देर बाद
ही आयोग का नोटिस आ गया था और उनसे हलफनामा मांगा गया था, लेकिन अनुराग ठाकुर के
प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे से ज्यादा बीत गए हैं, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं आया। हमें बेंगलुरु के
विधानसभा क्षेत्र महादेवपुरा के आंकड़ों को इकठ्ठा करने में 6 महीने लगे, क्योंकि हमें इलेक्ट्रॉनिक
मतदाता सूची नहीं दी गई। वहीं अनुराग ठाकुर को छह दिन में छह लोकसभा सीट के आंकड़े मिल गए।”
पवन खेड़ा ने सवाल किया कि आखिर उन्हें ये आंकड़े इतनी जल्दी कैसे मिल गए और जब चुनाव
आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची है, तो यह (सूची) कांग्रेस को क्यों नहीं दी जाती? पवन
खेड़ा ने दावा किया, “इससे स्पष्ट है कि निर्वाचन आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची है,
लेकिन वह जनता और विपक्ष को देना नहीं चाहता। अनुराग ठाकुर ने जो सबूत आपके सामने रखे, वे
आपराधिक सबूत हैं। हम मांग करते हैं कि ये सबूत हमें सौंपे जाएं, क्योंकि अब आपका अपराध
साबित हो चुका है। भाजपा और चुनाव आयोग के बीच सांठगांठ है, यह अनुराग ठाकुर ने साबित कर
दिया है।” पवन खेड़ा ने दावा किया कि अगर वाराणसी की इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची मिल जाए तो
सबको यकीन हो जाएगा कि मतगणना के दिन प्रधानमंत्री मोदी को फर्जी मतदाताओं का बूस्टर डोज
मिला था और यह भी साबित हो जाएगा कि वह प्रधानमंत्री की कुर्सी चुराकर इसपर बैठे हैं।
पवन खेड़ा ने सवाल करते हुए कहा, ‘भाजपा कहती है कि राहुल गांधी जी को देश की संस्थाओं पर
भरोसा नहीं है, तो क्या कल अनुराग ठाकुर संस्थाओं पर भरोसा कर रहे थे? आज पक्ष और विपक्ष
दोनों निर्वाचन आयोग से सवाल पूछ रहा है, ऐसे में मुख्य निवार्चन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कहां हैं?
क्या इस चुनाव को रद्द नहीं कर देना चाहिए?”

