नूंह,20 जनवरी । केएमपी एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी
कार्रवाई करते हुए करीब 50 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब की खेप बरामद की है। यह शराब लकड़ी
के बुरादे की आड़ में ट्रक-ट्राला में छुपाकर बिहार ले जाई जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने तीन
तस्करों को मौके से गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई निरीक्षक विनोद कुमार, प्रभारी अपराध शाखा (सीआईए) तावडू के नेतृत्व में गठित टीम
द्वारा केएमपी एक्सप्रेसवे पर धुलावट पुल के पास की गई। मंगलवार काे बताया कि पुलिस को गुप्त
सूचना मिली थी कि शराब ठेकेदारों और वाहन मालिकों की मिलीभगत से अवैध शराब की तस्करी
की जा रही है। सूचना के आधार पर सीआईए टीम ने केएमपी रोड पर नाकाबंदी कर सघन जांच शुरू
की।
नाकाबंदी के दौरान एक पायलट गाड़ी को रोका गया, जिसमें सवार मंदीप और कुलदीप को काबू
किया गया। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे एक ट्रक को पायलट कर रहे हैं, जिसमें अवैध
शराब भरी हुई है। कुछ ही देर में मानेसर की ओर से आ रहे ट्रक-ट्राला को भी रोक लिया गया और
उसके चालक बाबूलाल को हिरासत में लिया गया।
ट्रक की तलाशी लेने पर पुलिस ने पाया कि लकड़ी के बुरादे के करीब 400 कट्टों के नीचे भारी मात्रा
में अंग्रेजी शराब छुपाकर रखी गई थी। थाना शहर तावडू लाकर जब गिनती की गई तो ट्रक से
विभिन्न ब्रांड की कुल 1001 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इनकी बाजार कीमत लगभग 50
लाख रुपये आंकी गई है।
बरामद शराब में रॉयल स्टैग, इम्पीरियल ब्लू और ओल्ड मोंक जैसे नामी ब्रांड शामिल हैं। जांच के
दौरान यह भी सामने आया कि सभी शराब की बोतलों पर बैच नंबर स्क्रैच कर हटाए गए थे और
आरोपियों के पास मौजूद ई-वे बिल व अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस ने अवैध शराब, ट्रक-
ट्राला, पायलट गाड़ी, लकड़ी के बुरादे के कट्टे और फर्जी दस्तावेजों को कब्जे में लेकर आरोपियों के
खिलाफ आबकारी अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस मामले में उप-पुलिस अधीक्षक तावडू अभिमन्यु लोहान ने बताया कि अवैध शराब तस्करी के
खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच में पूरे गिरोह का
पता लगेगा।

