पटना, 07 फरवरी । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को बिहार विधानसभा के
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बिहार विधान मंडल के सेंट्रल हॉल में आयोजित समारोह में हिस्सा
लिया। उन्होंने सदस्यों के मध्य ‘सशक्त विधायक-सशक्त लोकतंत्र’ विषयक व्याख्यान को संबोधित
भी किया।
ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि जिस सभागृह के जनप्रतिनिधि नियम प्रक्रियाओं, परंपराओं को
जानेंगे, संविधान को समझेंगे, जनता की भावना और अपेक्षाओं को समझेंगे और जनसेवा करते हुए
अपने क्षेत्र के अलावा राज्य के मुद्दों को सशक्त तरीके से रखेंगे, उतना ही सदन की गरिमा बढ़ेगी
और नेतृत्व भी सशक्त होगा।
‘सशक्त विधायक-सशक्त लोकतंत्र’ के विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में उन्होंने घोषणा करते हुए
कहा कि 2026 तक देश के सभी राज्यों की विधानसभाओं के कार्यवाहियों को डिजिटलीकरण कर एक
प्लेटफॉर्म पर लाएंगे। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में ऐसा किया जा चुका है। इससे हर चीज एक
जगह उपलब्ध होगी। इससे विधायकों की क्षमता भी बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि किसी सदन का सामर्थ्य और ताकत उसका जनप्रतिनिधि होता है। सभागृह के
अंदर कितने भी बेहतर नियम और कानून बना दिए जाएं, लेकिन उसका पालन करने वाला
जनप्रतिनिधि कैसा है, उस पर उस सभा की मर्यादा टिकी रहती है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन में जितनी मर्यादा रहेगी और जितना सशक्त
विधायक रहेगा, उतना शासन में पारदर्शिता रहेगी। इसके अलावा कार्यपालिका पर नियंत्रण रहेगा और
हम ऐसे शासन की कल्पना करेंगे, जिसके लिए जनता ने हमें चुनकर भेजा है। उन्होंने कहा, “आज
जरूरत है कि शासन में पारदर्शिता हो, प्रशासन में जवाबदेही हो और समाज के अंतिम व्यक्ति की
आवाज भी सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचे और उसे न्याय मिले।”
उन्होंने जनप्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे बेहतर संवाद करें और इसके लिए अध्ययन
जरूरी है। ओम बिरला ने कहा कि जनता बहुत अपेक्षाओं से हमें चुनकर भेजती है और अपेक्षा करती
है कि विधायक ही उनकी बात सरकार तक पहुंचा सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने स्थापना दिवस पर सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। इस मौके पर ओम
बिरला ने एनईवीए की ओर से संचालित डिजिटल हाउस का उद्घाटन किया। उन्होंने यहां पहुंचने पर
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
उन्होंने राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू का भी स्वागत
किया।

