पाकिस्तान, 14 मार्च (वेब वार्ता)। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में
पाकिस्तान ने 128 रनों से जीत हासिल कर ली। इस दौरान एक ऐसा रन आउट देखने को मिला, जिसने
कई सवाल खड़े कर दिए। पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान आगा को मैदान पर ‘बचकानी हरकत’ की
वजह से अपना विकेट गंवाना पड़ा। जिसके बाद वो पूरी तरह से भड़क उठे। अजीबो-गरीब अंदाज में
रनआउट होने के बाद सलमान बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज से भी भिड़ गए। इसका वीडियो
तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, पाकिस्तान की पारी का 39वां ओवर मेहदी हसन मिराज डाल रहे थे। ओवर की चौथी गेंद पर
मोहम्मद रिजवान ने सामने की तरफ शॉट खेला। गेंद सलमान के पैरों के पास आकर रुक गई। महेदी ने
गेंद रोकने के चक्कर में आगा को ब्लॉक कर दिया। उसके बाद क्रीज से बाहर होने के बावजूद सलमान
गेंद को उठाने के लिए नीचे झुके। लेकिन तब तक मेहदी हसन ने गेंद को उठाकर तुरंत स्टंप पर थ्रो कर
दिया और आउट का अपील किया। सलमान क्रीज से बाहर थे और उन्हें रनआउट करार दे दिया गया।
मेहदी हसन का यह बर्ताव सलमान आगा को बिल्कुल पसंद नहीं आया और वह उनसे मैदान पर ही भिड़
गए। सलमान ने गुस्से में अपने ग्लव्स भी फेंक दिए और वह काफी नाखुश दिखाई दिए। पाकिस्तान के
बल्लेबाज ने अपना हेलमेट भी जमीन पर पटक दिया और काफी गुस्से में पवेलियन लौटे। सलमान ने
62 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्के की मदद से 64 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने
274 रन बनाए। उसके बाद बांग्लादेश को 114 रनों पर ही ढेर कर कर दिया।
क्या कहता है ICC का नियम
यह रन आउट करने का तरीका निश्चित रूप से सबसे अनोखे मामलों में से एक था। इस घटना ने न
केवल खेल की ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ पर सवाल खड़े किए, बल्कि मैदान पर लागू होने वाले असली
नियमों को लेकर भी चर्चा छेड़ दी। हालांकि तकनीकी रूप से इसे वैध आउट माना जा सकता है, क्योंकि
उस समय गेंद अभी ‘डेड’ घोषित नहीं हुई थी। लेकिन आईसीसी के प्लेइंग कंडीशंस के नियम 41.5 के
अनुसार, किसी भी फील्डर के लिए यह अनुचित माना जाता है कि वह जान-बूझकर शब्दों या हरकतों के
जरिए, स्ट्राइकर द्वारा गेंद खेलने के बाद किसी भी बल्लेबाज का ध्यान भटकाने, उसे धोखा देने या
उसके रास्ते में बाधा डालने की कोशिश करे।
नियम 41.5 हो सकता था लागू
इस खास स्थिति में नियम 41.5 लागू करने के लिए अंपायरों को यह तय करना पड़ता कि क्या मेहदी
हसन ने जान-बूझकर सलमान अली आगा के रास्ते में रुकावट डाली या उसे भ्रमित करने की कोशिश
की। अगर अंपायर इस निष्कर्ष पर पहुंचते कि मिराज ने सिर्फ गेंद को फील्ड करने के बजाय जानबूझकर
अपना रास्ता बदला और खास तौर पर आगा को क्रीज तक लौटने से रोकने की कोशिश की, तो उस
स्थिति में नियम 41.5 लागू किया जा सकता था।

