वाराणसी, 08 जनवरी । हाड़ कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे के बीच भी काशी के घाटों
पर गंगासेवा का संकल्प कमजोर नहीं पड़ा। एक ओर हजारों श्रद्धालु पुण्य की कामना से गंगा स्नान
कर रहे हैं, तो दूसरी ओर युवा स्वयंसेवक मोक्षदायिनी गंगा नदी को निर्मल और स्वच्छ बनाने के
लिए पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। ठंड के बीच घाटों पर चल रहा यह स्वच्छता अभियान काशी की
सामाजिक चेतना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है।
गायघाट पर चला स्वच्छता अभियान
गुरुवार को नमामि गंगे गंगा विचार मंच महानगर इकाई की ओर से गायघाट पर विशेष स्वच्छता
अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने किया। युवा स्वयंसेवकों
ने गंगा किनारे उतरकर श्रमदान किया और घाटों पर फैली गंदगी को साफ किया। अभियान के दौरान
गंगा के तट पर पड़ी प्लास्टिक, कूड़ा और अन्य प्रदूषणकारी वस्तुओं को बाहर निकाला गया। घने
कोहरे और सर्द हवाओं के बावजूद स्वयंसेवकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। गंगासेवा के जज्बे
के आगे कड़ाके की ठंड भी बेअसर नजर आई।
श्रद्धालुओं को किया गया जागरूक
स्वच्छता अभियान के दौरान शिवम अग्रहरि ने घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए कहा
कि माघ का पवित्र महीना केवल स्नान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनदायिनी नदियों के
संरक्षण का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि स्नान के साथ-साथ श्रमदान की भावना अपनाना
जरूरी है, तभी गंगा वास्तव में निर्मल और अविरल रह सकेगी। अभियान के दौरान घाटों पर पड़ी
टूटी हुई नावों और अन्य अनावश्यक अतिक्रमण की ओर भी ध्यान दिलाया गया। स्वयंसेवकों ने कहा
कि घाटों की सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए इन समस्याओं का समाधान जरूरी है।
नगर निगम कर्मचारियों की भी रही सहभागिता
इस स्वच्छता अभियान में जय विश्वकर्मा, रुद्र अग्रहरि, ओमकार सेठ, अनुराग सोनकर के साथ नगर
निगम के सुपरवाइजर प्रवीण यादव और अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे। सभी ने मिलकर गंगा घाटों
को स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया।

