सिद्धार्थनगर, 28 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा
कि विकास को जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर बांटा नहीं जा सकता और सरकार बिना किसी
भेदभाव के एक समग्र दृष्टिकोण के साथ कल्याण और विकास कार्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने
कहा कि भेदभाव रहित दृष्टिकोण राम राज्य (न्यायपूर्ण, नैतिक, जन-केंद्रित एक आदर्श शासन) को
दर्शाता है।
सिद्धार्थनगर में 1,052 करोड़ रुपये से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और
शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार
उत्तर प्रदेश की पूरी आबादी को एक परिवार मानती है और समावेशी एवं सतत विकास की भावना से
काम करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘समाज को बांटकर विकास हासिल नहीं किया जा सकता। इसे एक व्यापक
दृष्टिकोण के साथ और बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ाना होगा – कोई ‘मेरा’ या ‘तुम्हारा’ नहीं,
कोई जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्रीय भेदभाव नहीं। केवल यही भेदभाव रहित दृष्टिकोण राम राज्य की
सच्ची भावना को दर्शाता है।’’
सिद्धार्थनगर महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा में
विपक्ष के नेता और इटावा विधायक माता प्रसाद पांडे, राज्य मंत्री अनिल राजभर, डुमरियागंज सांसद
जगदंबिका पाल और अन्य जन प्रतिनिधि शामिल हुए।
आदित्यनाथ ने भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सिद्धार्थनगर को एक पवित्र भूमि
बताया जिसने दुनिया को करुणा और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री
अजित पवार की कथित तौर पर एक विमान दुर्घटना में हुई मौत पर भी शोक व्यक्त किया और
शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कभी आकांक्षी जिले के रूप में वर्गीकृत सिद्धार्थनगर के बदलाव पर प्रकाश डालते हुए आदित्यनाथ ने
कहा कि यह क्षेत्र पहले खराब बुनियादी ढांचे, बीमारी और पलायन से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि
एन्सेफलाइटिस, जिसने दशकों तक लोगों की जान ली थी, 2017 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से
प्रेरित होकर किए गए प्रयासों से कुछ ही वर्षों में खत्म हो गया।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों की जान गई, वे हमारे लिए वोट बैंक नहीं थे। वे हमारे परिवार का हिस्सा
थे, और सरकार ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी की।’’ उन्होंने आगे कहा कि डुमरियागंज, बंसी और इटावा
से गुज़रने वाला शामली-गोरखपुर कॉरिडोर इस इलाके के लिए ‘विकास कॉरिडोर’ का काम करेगा।
किसानों से फसल पैटर्न में विविधता लाने का आग्रह करते हुए, आदित्यनाथ ने उनसे पारंपरिक दो
फसलों के अलावा तीसरी फसल अपनाने की अपील की और कन्नौज, औरैया और कानपुर देहात के
उदाहरण दिए जहां मक्का की खेती से प्रति एकड़ लगभग 1 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हुई है।
मुख्यमंत्री ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ज़िला उत्सवों के दौरान
स्थानीय स्तर पर अनुकरणीय काम करने वाले कलाकारों, खिलाड़ियों, व्यापारियों और अन्य लोगों को
सम्मानित करने का भी आह्वान किया।

