उत्तर प्रदेश/ वाराणसी, 04 फरवरी ।आगामी 08 फरवरी को कांग्रेस संविधान
संवाद रैली निकालने की तैयारी में है। इस जनसमागम में पार्टी काशी के ज्वलंत मुद्दों को उठाएगी।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने लहुराबीर महामंडल नगर स्थित आवासीय कैम्प कार्यालय में
रैली के उद्देश्य और प्रमुख मुद्दों की विस्तृत जानकारी पत्रकारों को दी।
उन्होंने कहा कि यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि काशी की अस्मिता, आस्था,
संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आयोजित की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप
लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में काशी के साथ विकास के नाम पर ऐसा खिलवाड़ किया गया है,
जिससे उसकी आत्मा और पहचान दोनों आहत हुई हैं। संविधान संवाद रैली में काशी से जुड़े कई
गंभीर और जनहित के मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। इनमें मणिकर्णिका घाट से जुड़ी अव्यवस्थाएं,
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का अपमान, मनरेगा में भ्रष्टाचार, तेजी से बढ़ती
बेरोजगारी, आसमान छूती महंगाई, तथा माँ गंगा में लगातार गिरते नाले जैसे विषय शामिल हैं । पूरे
शहर में जगह-जगह सीवर जाम है, सड़कों पर गंदगी बह रही है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा
है, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पुरातन धरोहरों को ध्वस्त किया जा रहा है, जिससे काशी की
हजारों साल पुरानी विरासत को गहरी चोट पहुंची है। काशी में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी
है। अपराध बढ़ रहे हैं, आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है, लेकिन सरकार केवल प्रचार में
व्यस्त है।
अजय राय ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सभ्यता की
आत्मा है। संविधान संवाद रैली के माध्यम से हम काशी की आवाज़ को सड़क से संसद तक
पहुँचाएंगे। हम काशी की जनता से अपील करते है कि वे बड़ी संख्या में संविधान संवाद रैली में
शामिल होकर संविधान, लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा के इस अभियान को मजबूती
प्रदान करें। उन्होंने कहा कि 8 फ़रवरी को होने वाली यह रैली काशी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण
संदेश देने जा रही है। वार्ता में महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद पाण्डेय
आदि भी मौजूद रहे।

