नोएडा, 03 सितंबर । युवाओं को पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के लिए अभिनव और
स्थायी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से, एमिटी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय
‘सस्टेनोवेशन 2025 हैकथॉन’ का आयोजन किया गया। एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंटल
साइंसेज और इंटेलिजेंट इनसाइट्स के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न
संस्थानों से 30 टीमों के 104 छात्रों ने हिस्सा लिया।
उद्घाटन और उद्देश्य
कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डॉ. बलविंदर शुक्ला और इंटेलिजेंट
इनसाइट के सीईओ डॉ. नीरज सनन ने किया। इस मौके पर एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी.के.
बंद्योपाध्याय और एमिटी विश्वविद्यालय के ट्रांसलेशनल एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट के डीन डॉ.
बी.के. मूर्ति भी मौजूद थे। हैकथॉन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ऊर्जा, मृदा और जल से संबंधित
वास्तविक समस्याओं के समाधान पर काम करने के लिए एक मंच प्रदान करना था। इन 30 टीमों
को 30 घंटे का समय दिया गया था ताकि वे दी गई चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर सकें।
वक्ताओं ने छात्रों को किया प्रेरित
इंटेलिजेंट इनसाइट के सीईओ डॉ. नीरज सनन ने कहा कि यह देश का पहला ऐसा हैकथॉन है जो
सूचना प्रौद्योगिकी से हटकर ऊर्जा, जल और मृदा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। उन्होंने छात्रों
को सलाह देते हुए कहा कि केवल अच्छा बनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रतियोगी और प्रभावी भी बनें।
उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा कौशल तो देती है, लेकिन मूल्यों का निर्माण व्यक्ति को स्वयं करना होता है।
एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डॉ. बलविंदर शुक्ला ने कहा कि यह हैकथॉन युवाओं द्वारा
संचालित नवाचारों के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, “यह हैकथॉन शिक्षा जगत,
उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को मजबूत करने और राष्ट्र के विकास में योगदान
देने के लिए एक बेहतरीन मंच के रूप में कार्य करेगा।”
एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी.के. बंद्योपाध्याय ने भी छात्रों को शोध और उद्यमशीलता के
लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि किसी भी देश का विकास युवाओं की अनुसंधान व नवाचार में
भागीदारी ही सुनिश्चित करती है।
देश भर से टीमों की भागीदारी
एमिटी विश्वविद्यालय के ट्रांसलेशनल एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट के डीन डॉ. बी.के. मूर्ति ने
बताया कि इस मेगा इवेंट में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय,
आईआईटी मद्रास, आईआईटी खड़गपुर, राजकीय महिला इंजीनियरिंग कॉलेज और कई अन्य संस्थानों
के 77 पुरुष और 27 महिला छात्रों की 30 टीमें भाग ले रही हैं।
इस अवसर पर एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज की सहायक निदेशक डॉ. रेनू धुप्पर
और एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक डॉ. एस.पी. सिंह
भी मौजूद थे। इस तरह के आयोजनों से न केवल छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता
है, बल्कि उन्हें देश और दुनिया की गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए सोचने पर भी
मजबूर करता है।

